Look Inside

Kopal Ehsaas

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” मेरी कलम से___

“कोपल एहसास “” नए उदगार जो मेरे मन से निकले अपनो को लिखे, अपनो को कहे । सभीके जीवन में कईमोड़से है। मेरी राह  भी आसान थी। साथ थे सब, कुछ ऐसा हुआ कि सब कुछ बदल गया। किसी की प्रेरणा से शब्दों ने आवाज दी। हम उसी की रो में बह चले। बात आप सब तक भी पहुंच जाए सोच कर

अपनी लेखनी को कविता का जामा पहनाया और प्रस्तुत कर रही हूं। आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि ये

काव्य संग्रह  जिसमें व्यक्त हैं मेरे भाव पाठकों को पसन्द आयेगा और मुझे और बेहतर लिखने को प्रेरित करेगा

*नमिता संजीव**